{"product_id":"ख्यालों-का-शहर-khayalo-ka-shahar","title":"ख्यालों का शहर ( Khayalo Ka Shahar ) | प्रदीप कुमार ( Pradeep Kumar )","description":"\u003cp\u003e\u003cmeta charset=\"utf-8\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003eपुस्तक सार\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003cspan\u003e\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e“ख़यालों का शहर” मनुष्य के अंतर्मन की उस अदृश्य दुनिया की यात्रा है, जहाँ विचार, भावनाएँ और आत्मसंवाद निरंतर चलते रहते हैं। यह पुस्तक बताती है कि हमारा बाहरी व्यक्तित्व और भीतर के ख़याल अक्सर एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। कविताओं और चिंतन के माध्यम से लेखक मन के उतार-चढ़ाव, द्वंद्व, भक्ति, मोह और आत्मचिंतन को सहज भाषा में प्रस्तुत करता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e“ख़यालों का शहर” पाठक को अपने विचारों को पहचानने, परखने और स्वयं से सच्चा होने की प्रेरणा देने वाली एक संवेदनशील काव्य-यात्रा है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003eलेखक परिचय :\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003cspan\u003e\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eलेखक प्रदीप कुमार का जन्म हरियाणा के कैथल शहर में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा कैथल में ही हुई, जहाँ पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वे आठवीं कक्षा तक ही औपचारिक शिक्षा प्राप्त कर सके। यद्यपि उनकी शैक्षणिक यात्रा सीमित रही, परंतु उनके विचार, अनुभव और जीवन-दृष्टि अत्यंत गहरी और संवेदनशील हैं, जो उनके लेखन में स्पष्ट रूप से झलकती है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eप्रदीप कुमार की पहली पुस्तक “करवटें ज़िंदगी” को पाठकों का भरपूर स्नेह और सराहना मिली, जिसने उन्हें लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रस्तुत पुस्तक उसी साहित्यिक यात्रा की निरंतरता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eलेखक एवं प्रकाशक टीम को आशा है कि पाठक इस कृति को भी अपना प्रेम और आशीर्वाद प्रदान करेंगे। पाठक अपने सुझाव एवं विचार लेखक तक ईमेल के माध्यम से साझा कर सकते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Aksharansh Publication","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50960710566166,"sku":null,"price":189.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0931\/5850\/6774\/files\/A1_1ad711e6-a1e0-4c42-8be0-70c1c342503d.jpg?v=1769038173","url":"https:\/\/www.kharidobecho.in\/products\/%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0-khayalo-ka-shahar","provider":"KharidobechoBooks","version":"1.0","type":"link"}