Papa aur Zindagi pe Notes / पापा और ज़िंदगी पे नोट्स | Mohit Anand | KharidobechoBooks
Papa aur Zindagi pe Notes / पापा और ज़िंदगी पे नोट्स | Mohit Anand | KharidobechoBooks
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Literature
“पापा और ज़िंदगी पे नोट्स” मोहित की पहली किताब है—कविताओं और शायरियों का एक ऐसा संग्रह, जो जीवन के कई रंगों को एक ही धागे में पिरो देता है। यह किताब सिर्फ़ शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि एक निजी यात्रा का आईना है—जहाँ यादें भी हैं, सवाल भी, टूटन भी और उम्मीद भी।
इस संग्रह का सबसे भावुक और केंद्रीय हिस्सा पापा हैं। मोहित ने अपने पिता के साथ जुड़ी यादों, उनके जाने के बाद रह गई खाली जगह, और उस रिश्ते की गर्माहट को बहुत सादगी और ईमानदारी से लिखा है। कई पन्नों पर एक बेटे का प्रेम दिखता है, कई पंक्तियों में एक दोस्त का खो जाना—और कहीं-कहीं वह मौन, जो सबसे ज़्यादा बोलता है।
किताब का बाकी हिस्सा ज़िंदगी के अनुभवों से बना है—छोटे-छोटे सच, रिश्तों की परतें, अकेलापन, संघर्ष, और रोज़मर्रा की भावनाएँ।
